IGCSE में हिंदी द्वितीय भाषा के रूप में
छात्रों को निम्नलिखित का अध्ययन अपेक्षित है:
द्वितीय भाषा के रूप में IGCSE हिंदी (कोड-0549)

IGCSE हिंदी को द्वितीय भाषा (Second language) के रूप में उन शिक्षार्थियों के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिनको पहले से ही हिंदी भाषा का थोड़ा-बहुत ज्ञान हो; और जो अपनी आगे की शिक्षा एवं करियर में तरक्की के लिए अपनी भाषाई समझ को मजबूत करना चाहते हैं। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से, शिक्षार्थी हिंदी भाषी वातावरण में प्रभावी ढंग से भाषा का प्रयोग कर सकते हैं, जिससे वे अपने दैनिक जीवन में आने वाली भाषाई चुनौतियों का सामना कर सके।
हिंदी पाठ्यक्रम में अपेक्षित भाषा कौशल -
द्वितीय भाषा के रूप में IGCSE हिंदी अध्ययन के माध्यम से निम्नलिखित उद्देश्य है: -
- व्यवहारिक संचार के प्रयोजन के लिए प्रभावी रूप से हिंदी का उपयोग करने की क्षमता विकसित करना।
- हिन्दी माध्यम के रूप में आगे के अध्ययन या रोजगार के लिए आवश्यक कौशल के लिए एक ठोस आधार तैयार करना।
- भाषा और भाषा सीखने के कौशल की प्रकृति के बारे में जागरूकता विकसित करना।
- छात्रों को हिंदी में नई और व्यावहारिक शब्दावली को उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना।
- हिंदी के साथ उनके व्यक्तिगत विकास के साथ सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना।
- हिंदी को द्वितीय भाषा के रूप में बोलने, लिखने, सुनकर समझने तथा बोलने का प्रभावी कौशल विकसित करना।
- छात्र लिखने और बोली जाने वाली दोनों में हिंदी अनुसरण करने में सक्षम होंगे।
- छात्र हिंदी में तथ्यात्मक जानकारी के साथ-साथ अमूर्त विचार, प्रासंगिक विवरण का चयन करने, और जो सीधे तौर पर कहा या निहित है उसे समझ सकेंगे।
मूल्यांकन के मानदंड -
इस अध्ययन में छात्रों को दो अनिवार्य प्रश्नपत्र एवं एक वैकल्पिक प्रश्नपत्र की परीक्षा देनी होती है :-
- सभी हिंदी छात्र-छात्राओं को लेखन (reading) & पठन (writing) घटक से संयुक्त प्रश्नपत्र-1 और श्रवण (listening) घटक पर आधारित प्रश्नपत्र-2
- सभी परीक्षार्थी पहले दो घटक लेते हैं। उम्मीदवार ग्रेड A*, A, B, C, D, E, F अथवा G के लिए पात्र होते।
- तीसरे घटक (वैकल्पिक) के लिए केंद्र उम्मीदवारों को दर्ज करने का विकल्प चुन सकते हैं:
- घटक 3 वाक् कौशल (Speaking) आधारित मूल्यांकन होता है।
- पहले यह विद्यालय पर ही आंतरिक रूप से चिह्नित किया जाता है और अंक ऑनलाइन भेजने पर बाह्य रूप से मॉडरेट किया जाता है।
- घटक 3 के अंक समग्र योग्यता ग्रेड में जोड़े नहीं जाते हैं: यह घटक अलग से दर्शाया जाता है।
- इसका प्रमाणपत्र भी अलग से ग्रेड रिकॉर्ड करते हैं।
छात्रों को निम्नलिखित लेखन विधाओं और मुख्य पाठ्य इकाइयों संबंधी अपठित आलेखों का अभ्यास कराया जाना चाहिए -लेखन विधाएँ
- पत्र लेखन (अनौपचारिक, औपचारिक और कार्यालयीन पत्र)
- ई-मेल (अनौपचारिक और औपचारिक)
- अनुच्छेद लेखन (सरल, मिश्र, और संयुक्त वाक्य)
- निबंध लेखन (वर्णनात्मक, भावनात्मक)
- संवाद लेखन
- साक्षात्कार
- भाषण लेखन
- भाषण लेखन
- वाद-विवाद : तथ्यात्मक जानकारी के साथ अपनी मौखिक क्षमता का विकास।
- सूचना लेखन
- टिप्पणी ; (नोटिंग/नोट लेखन) ;
- समीक्षा ; (पुस्तक, फिल्म, रेस्तरां, उत्पाद अथवा सेवाएँ आदि पर)
- ब्लॉग लेखन ; (चिट्ठाकारी)
- लेख लेखन (आर्टिकल)
- दैनंदिनी (डायरी)
- यात्रा वृत्तांत (ट्रवेलॉग)
- प्रतिवेदन : (रिपोर्ट लेखन)
- सार-लेखन : (एक तिहाई सार)
- प्रचार सामग्री : विवरणिका, विवरणी और विवरण पत्र / प्रचार-पुस्तिका एवं विज्ञापन
- चित्र वर्णन
साहित्यिक विधाएँ
साहित्यिक विधाओं में शिक्षार्थी निम्नलिखित विधाओं का अध्ययन करेंगे।
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