क्या कपड़े का थैला इस्तेमाल करने से वाकई हम पर्यावरण रक्षक बन सकते हैं?
IGCSE / IBDP Band-9 Academic Article • By Arvind Bari | IndiCoach
आज का युग सुविधा और आकर्षण का युग है। हम ऐसे विकल्पों की ओर सहज ही आकर्षित हो जाते हैं जो दिखने में सुंदर हों, उपयोग में आसान हों और आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप हों। प्लास्टिक की थैलियाँ इसी मानसिकता का परिणाम हैं। वे हल्की, सस्ती, रंग-बिरंगी और हर दुकान पर आसानी से उपलब्ध होती हैं। इन्हें हाथ में लेकर चलने से एक प्रकार का आधुनिक होने का एहसास भी होता है। यही कारण है कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान की जानकारी होते हुए भी लोग इनका प्रयोग करते रहते हैं।
परंतु क्या केवल आकर्षण और सुविधा ही हमारे चयन का आधार होना चाहिए? यही प्रश्न हमें कपड़े की थैलियों के महत्व पर सोचने के लिए प्रेरित करता है। कपड़े की थैलियाँ भले ही दिखने में उतनी चमकदार न हों, लेकिन वे हमें एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक होने का बोध कराती हैं। जब कोई व्यक्ति स्वयं कपड़े की थैली लेकर बाजार जाता है, तो यह केवल एक वस्तु का प्रयोग नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूक सोच का परिचय होता है।
प्लास्टिक की थैलियाँ पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बन चुकी हैं। ये सैकड़ों वर्षों तक नष्ट नहीं होतीं, नालियों को जाम करती हैं और पशु-पक्षियों के लिए घातक सिद्ध होती हैं। मिट्टी और जल प्रदूषण में भी इनकी भूमिका अत्यंत हानिकारक है। इसके विपरीत, कपड़े की थैलियाँ बार-बार उपयोग में लाई जा सकती हैं और दीर्घकाल में प्रकृति को कम क्षति पहुँचाती हैं। इस दृष्टि से कपड़े की थैली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक छोटा किंतु प्रभावी कदम है।
हालाँकि यह कहना भी आवश्यक है कि केवल कपड़े की थैली का उपयोग करने से ही कोई व्यक्ति पूर्ण रूप से पर्यावरण रक्षक नहीं बन जाता। पर्यावरण संरक्षण एक व्यापक जिम्मेदारी है, जिसमें जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, कचरा प्रबंधन और उपभोग की आदतों में परिवर्तन जैसे अनेक पहलू शामिल हैं। फिर भी किसी बड़े परिवर्तन की शुरुआत छोटे प्रयासों से ही होती है, और कपड़े की थैली उसी सोच का प्रतीक है।
निष्कर्ष
निष्कर्षतः, मैं इस कथन से काफी हद तक सहमत हूँ कि कपड़े का थैला इस्तेमाल करने से हम पर्यावरण रक्षक बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। यह न केवल हमारे व्यवहार में परिवर्तन लाता है, बल्कि हमारी सोच को भी अधिक उत्तरदायी बनाता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति इस छोटे से कदम को अपनाए, तो सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त आधार तैयार किया जा सकता है।
🎯 यह लेख Band-9 क्यों है?
- संतुलित दृष्टिकोण
- आलोचनात्मक विश्लेषण
- स्पष्ट निष्कर्ष
✍️ Answer-Writing Takeaways
- बिंदुओं का विकास
- Balanced opinion
- सशक्त निष्कर्ष
📝 Interactive Practice
प्रश्न: छोटे व्यक्तिगत प्रयास सामाजिक परिवर्तन कैसे ला सकते हैं?
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