रोटी - एक पवित्र यात्रा
हर निवाले में छिपी है एक कहानी...
🍞 रोटी का असली मूल्य
रोटी... यह शब्द जितना साधारण लगता है, उतना ही गहरा अर्थ अपने भीतर छिपाए है। यह केवल आटे का गोला नहीं, यह किसान के पसीने की खुशबू, माँ के हाथों की गर्माहट और ईश्वर की कृपा का प्रतीक है।
🌍 एक गहरा सत्य
आज जब चमकते शहरों में प्लेटों में अधूरी रोटियाँ पड़ी रह जाती हैं, तो गाँव के खेतों में कोई किसान आसमान की ओर देखता हुआ सूखी धरती को सींचने के लिए अपने आँसुओं को रोकता है।
🛤️ रोटी की यात्रा
नीचे क्लिक करें और देखें रोटी कैसे आपकी थाली तक पहुँचती है:
🙏 अन्नपूर्णा प्रार्थना
"अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकर प्राण वल्लभे।
ज्ञान वैराग्य सिद्धयर्थं भिक्षाम देहि च पार्वति॥"
हे अन्नपूर्णा देवी, जो सदा पूर्ण हैं और भगवान शंकर की प्रिय हैं,
कृपया मुझे ज्ञान और वैराग्य की सिद्धि के लिए भिक्षा प्रदान करें।
⏰ रोटी बनने में लगता समय
खाने में: 5 मिनट
💭 याद रखिए...
रोटी केवल अन्न नहीं — किसान की आत्मा है।
रोटी को फेंकना, उस आत्मा का अपमान है।
और रोटी को आदरपूर्वक खाना — ईश्वर की पूजा।
✨ आइए संकल्प लें ✨
🌟 याद रखने योग्य बातें
✅ पहले उतना ही लीजिए जितना आप खा सकते हैं
✅ यदि बच जाए तो किसी भूखे को दीजिए
✅ अन्नदाता किसान को धन्यवाद कहें
✅ भोजन से पहले प्रार्थना करें
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